मिशन / विजन वक्तव्य

  • उत्तर प्रदेश पावर सेक्टर सुधार कार्यक्रम के प्रमुख लक्ष्य निम्न होगे:
    • प्रदेश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए लागत उपयुक्त अच्छी गुणवत्ता विद्युत की आपूर्ति करना।
    • विद्युत क्षेत्र को व्यवसायिक रूप से कुशल बनाना ताकि राज्य के बजट पर इसका विपरीत असर न पड़े और राज्य बजट से इसका बोझ कम हो सके।
    • उपभोक्ता के निवेश की जिम्मेदारी समझ कर उसे सुरक्षित रखना।
  • ऊपर बताए गए लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार विद्युत क्षेत्र सुधार कार्यक्रम के निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं पर सहमती जतायी है
    • उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का बतौर स्वायत्त और पृथक संस्था के रूप में पुनर्गठन करना।
    • स्वतंत्र नियामक निकाय का सृजन करना ताकि उपभोक्ताओं और साथ ही पावर सेक्टर का वित्तीय स्तिथि पर कोई प्रतिकूल असर न पड़ सके।
    • एक निर्धारित समय के बाद लोक निगम संस्थाओं के संपत्ति का अधिकार स्थानांतरित कर देना।
    • टैरिफ का युक्तिकरण।
  • सुधार-पहलू I (निगम): गतिविधियों में बढ़ोत्तरी और उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में विशेषज्ञता में बढ़ोत्तरी के चलते और इन क्षेत्रों की कार्यप्राणाली को बेहतर बनाने के लिए यह जरूरी हो गया है कि इन संस्थाओं को पृथक लाभ केंद्र के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बाद में इन लाभ केंद्रों का निम्न संस्थाओं का सृजन कर निगमीकरण किया जाएगा:
    • थर्मल उत्पादन निगम;
    • हाईड्रो उत्पादन निगम
    • ट्रांसमिशन एवं वितरण निगम